जबलपुर, 22 मई ।
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सैकड़ों गांवों के किसानों ने गेहूं उपार्जन में फैली अव्यवस्थाओं और बदहाल स्थिति के विरोध में शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय के समीप स्थित घंटाघर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। 45 डिग्री तापमान में भी किसानों का आक्रोश चरम पर रहा और उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर करीब दो घंटे तक विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्लॉट बुकिंग की समस्या, खरीदी केंद्रों पर बारदाने की कमी तथा पानी और छाया जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की। गर्मी और अव्यवस्थाओं के बीच किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता दिखाई दिया।
प्रांत महामंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उपार्जन व्यवस्था की खामियों के कारण जिले के लगभग चौदह हजार किसान स्लॉट बुकिंग और खरीदी प्रक्रिया से वंचित रह जाते हैं तो सभी किसान अपना गेहूं कलेक्टर कार्यालय में ही लाकर डाल देंगे और परिवार सहित वहीं डेरा डाल देंगे।
मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में किसान संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि गेहूं उपार्जन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसान उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। वहीं, किसानों ने प्रशासन द्वारा मंडियों में फसल बेचने की सलाह पर भी नाराजगी जताई और कहा कि इससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
जिलाध्यक्ष रामदास पटेल और जिला मंत्री धनंजय पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन व्यवस्था सुधारने में पूरी तरह असफल रहा है, जिसके कारण किसानों को मंडियों में जाने के लिए कहा जा रहा है, जबकि वहां समर्थन मूल्य और बाजार भाव में प्रति क्विंटल तीन से चार सौ रुपये का अंतर है, जिससे किसानों को सीधा नुकसान झेलना पड़ रहा है।






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