ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बकाया बिजली बिलों की वसूली की शुरुआत बड़े उपभोक्ताओं से करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से दिखाई भी देनी चाहिए, जिससे इसके सकारात्मक प्रभाव पूरे सिस्टम पर पड़ सकें।
मंत्रालय में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि ई-स्कूटी से कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर से वल्लभ भवन पहुंचकर वे सीधे समीक्षा में शामिल हुए और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
ऊर्जा मंत्री ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद हुए सुधार की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश देते हुए पूछा कि जिन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां बिलिंग, वसूली और लाइन लॉस में कितना सुधार हुआ है तथा इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने बताया कि अब तक 17 लाख 66 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और निर्देश दिए कि पुराने मीटर के लंबित देयकों का समुचित बिल जारी किया जाए तथा नए स्मार्ट मीटर के बाद अलग से बिलिंग सुनिश्चित की जाए।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि जो मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता फील्ड में नहीं जाते, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा अवैध और विद्युतीकृत न हुई कॉलोनियों के लिए सुनियोजित विद्युतीकरण योजना तैयार की जाए।
उन्होंने पिछले छह महीनों की ट्रिपिंग की समीक्षा करने और आवश्यकता अनुसार कवर कंडक्टर लगाने के निर्देश दिए, जिससे ट्रिपिंग की समस्या में कमी लाई जा सके, साथ ही मेंटेनेंस से पहले और बाद की स्थिति की तुलना कर प्रभाव का आकलन किया जाए।
ऊर्जा मंत्री ने कॉल सेंटर में आने वाली शिकायतों के निस्तारण की औसत समय-सीमा को कम करने तथा ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने आरडीएसएस योजना के कार्यों की भी समीक्षा की और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए, इस बैठक में ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण






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