भोपाल, 19 मई।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर राज्य सरकार से करों में कमी करने की मांग की है। उनका कहना है कि ईंधन पर लगाए जा रहे अधिक वैट और सेस के कारण आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने मीडिया को दिए बयान में बताया कि देश के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में भोपाल में पेट्रोल की दरें अधिक हैं। उनके अनुसार दिल्ली में पेट्रोल की कीमत जहां कम स्तर पर है, वहीं भोपाल में यह काफी अधिक पहुंच चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं को प्रति लीटर अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है।
आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर विभिन्न स्तरों पर वैट, अतिरिक्त वैट और सेस वसूल रही है। पेट्रोल पर करीब 29 प्रतिशत वैट के साथ अतिरिक्त शुल्क और सेस भी लिया जा रहा है, जबकि डीजल पर भी इसी तरह का कर ढांचा लागू है। इससे प्रति लीटर कीमत में बड़ी राशि केवल टैक्स के रूप में जुड़ रही है।
उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव परिवहन लागत के माध्यम से खाद्य सामग्री, कृषि, निर्माण और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। इससे महंगाई और बढ़ जाती है।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से आग्रह किया है कि वैट और सेस में तत्काल कटौती की जाए, ताकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि करों में कमी की जाती है तो आम जनता को महंगाई से कुछ राहत मिल सकती है।






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