भोपाल, 18 मई।
राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में नए खुलासों और कानूनी उलझनों के बीच जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर परिजन मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर कायम हैं, दूसरी ओर प्रशासन और पुलिस स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है।
न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने मुख्यमंत्री निवास के सामने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी की भूमिका जरूरी है, जिससे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके।
उधर, एम्स प्रबंधन ने शव को अधिक समय तक मर्चुरी में रखने में असमर्थता जताई है। इसके बाद कटारा हिल्स थाना पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत शव की सुपुर्दगी और अंतिम संस्कार को लेकर जिला अदालत से दिशा-निर्देश मांगे हैं।
जांच के लिए गठित एसआईटी ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ाया है। घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
वहीं, फरार चल रहे आरोपी पति समर्थ सिंह को अदालत से भी राहत नहीं मिली है। न्यायालय पहले ही उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और पासपोर्ट जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मामले में नया मोड़ उस समय सामने आया, जब आरोपित सास की ओर से दाखिल जमानत याचिका के कुछ हिस्सों में बहू को लेकर ड्रग एडिक्ट होने के आरोपों का उल्लेख किया गया।
फिलहाल ट्विशा शर्मा मामला लगातार नए घटनाक्रमों के कारण सुर्खियों में बना हुआ है और पुलिस, एसआईटी व न्यायालय स्तर पर कार्रवाई जारी है।






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