हैदराबाद, 20 मई ।
तेलंगाना के नलगोंडा जिले के अलेर निवासी 20 वर्षीय बीटेक छात्र ने मरणोपरांत अंगदान के माध्यम से चार लोगों को नया जीवन देकर मानवता की मिसाल पेश की। सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित किए गए इस छात्र के अंगों के दान के साहसिक निर्णय से चार मरीजों को जीवनदान मिला है।
जानकारी के अनुसार, नलगोंडा जिले के अलेर निवासी पुलिपालुपुल राघव जनगाम स्थित सीजेआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक का छात्र था। 16 मई को चेरियाल के पास इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के समीप उसकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर में गहरी चोट आई।
परिजनों ने पहले उसे स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद 18 मई को चिकित्सकों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
अपने पुत्र को खोने के गहरे दुख के बावजूद पिता पुलिपालुपुल महेश ने मानवता का परिचय देते हुए उसके अंगदान का निर्णय लिया। इसके बाद राघव की दोनों किडनी, लिवर और फेफड़ों का एक जोड़ा दान किया गया, जिससे चार गंभीर मरीजों को नया जीवन प्राप्त हुआ।
इस प्रेरणादायक निर्णय की सराहना करते हुए हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड घोषित राघव ने अपने अंगदान के माध्यम से चार लोगों को जीवन का उपहार दिया है, जो समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण है।




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