नई दिल्ली, 23 मई ।
चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने कहा है कि भारतीय युवाओं में चीनी भाषा सीखने की बढ़ती रुचि दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दे रही है और यह पहल आपसी समझ व मित्रता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।
उन्होंने यह बात ‘चाइनीज ब्रिज’ चीनी भाषा कुशलता प्रतियोगिता के भारत खंड के फाइनल और पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय विश्वविद्यालय संघ की महासचिव, निर्णायकों, शिक्षकों और प्रतिभागी छात्रों को बधाई दी तथा विजेताओं के प्रदर्शन की सराहना की।
राजदूत ने बताया कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय चीनी भाषा दिवस के अवसर पर 150 से अधिक भारतीय छात्रों और शिक्षकों ने चीनी कला एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने भाषा पर अपनी पकड़, आत्मविश्वास और उत्साह का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
उन्होंने ‘चाइनीज ब्रिज’ प्रतियोगिता की 25वीं वर्षगांठ पर बधाई देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चीनी भाषा शिक्षा का महत्वपूर्ण मंच बताया और कहा कि पिछले वर्षों में इस मंच ने कई युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं, जिसमें रोजगार के अवसर भी शामिल हैं।
राजदूत ने घोषणा की कि भारतीय युवाओं के लिए जल्द ही ‘एक्सपीरियंसिंग चाइना’ अध्ययन यात्रा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें इस वर्ष के विजेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वे चीन के विकास और आधुनिक प्रगति को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें।
उन्होंने कहा कि भारत और चीन भौगोलिक रूप से जुड़े पड़ोसी देश हैं और युवाओं को चाहिए कि वे चीनी भाषा सीखकर दोनों देशों के बीच मित्रता के दूत बनें और आपसी संबंधों को मजबूत करें।




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