कोलकाता, 18 मई।
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को सॉल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय में पहली बार ‘जनता दरबार’ लगाकर आम लोगों की शिकायतें सीधे सुनीं। सुबह करीब साढ़े नौ बजे मुख्यमंत्री पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया, वहीं सांसद लॉकेट चटर्जी भी उपस्थित रहीं।
जनता दरबार के दौरान बड़ी संख्या में नौकरी के अभ्यर्थी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनकी शिकायतों को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुनते हुए दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद वह सीधे नवान्न के लिए रवाना होंगे, जहां उनकी कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकें निर्धारित हैं।
सूत्रों के अनुसार सोमवार को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में आरजी कर प्रकरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध, संस्थागत भ्रष्टाचार, वेतन आयोग और सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा संभावित है। साथ ही सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरण सहित कई प्रशासनिक विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।
पिछली मंत्रिमंडल बैठक में राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने, सरकारी नौकरियों में आवेदन की आयु सीमा बढ़ाने और ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना शुरू करने जैसे कई बड़े निर्णय लिए थे।
मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया है कि सरकार सुशासन और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केंद्र की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों की निगाहें भी इस बैठक पर टिकी हुई हैं।
दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्ववर्ती सरकार को कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान का निर्देश दिया था, लेकिन अभी भी 2008 से 2016 तक का बकाया लंबित है, जबकि 2016 से 2019 तक का आंशिक भुगतान किया गया है।
नई सरकार के गठन के बाद कर्मचारियों में यह उम्मीद बनी हुई है कि लंबित महंगाई भत्ते के पूर्ण भुगतान पर कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है, जबकि वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार केंद्र के समान महंगाई भत्ता और वेतन संरचना पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है।






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