दिल्ली, 18 मई
दिल्ली में सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ पहल की शुरुआत की गई, जिसके तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी वाहन की जगह मेट्रो से दिल्ली सचिवालय स्थित अपने कार्यालय तक यात्रा कर लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया। उनके साथ कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा और इंद्राज सिंह भी मेट्रो से पहुंचे, जिसके बाद सभी नेता मेट्रो स्टेशन से इलेक्ट्रिक बस के जरिए सचिवालय पहुंचे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि यदि लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाते हैं तो इससे प्रदूषण में कमी आएगी, ट्रैफिक जाम घटेगा और शहर की रफ्तार बेहतर होगी, इसलिए सभी नागरिकों को मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक साधनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ‘मेट्रो मंडे’ की शुरुआत ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान के तहत की गई है, और इस पहल के प्रभाव के चलते कई मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी भी आज मेट्रो से कार्यालय पहुंचे।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए पहले से ही तैयारियां कर रखी हैं और 17 मई को अतिरिक्त ट्रिप्स की संख्या 6 से बढ़ाकर 24 कर दी गई थी, साथ ही स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना, ईंधन की बचत करना, वायु प्रदूषण में कमी लाना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी बनाना बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस पहल को सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को मेट्रो से यात्रा करते देखना उत्साहजनक है और भविष्य में इसे और व्यापक अभियान के रूप में विकसित करने की योजना है।






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