वाशिंगटन, 19 मई।
मध्य पूर्व के अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान अमेरिका तथा ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने और शांति समझौता कराने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जहां पाकिस्तान मध्यस्थता में शुरुआती असफलता के बावजूद लगातार ईरान को बातचीत के लिए तैयार करने में जुटा हुआ है, वहीं खाड़ी के तीनों प्रमुख देश इस संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए संयुक्त प्रयास कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इन देशों के संयुक्त दबाव और अनुरोध के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टालने का निर्णय लिया है, साथ ही उन्होंने यह संकेत दिया है कि इस समय शांति समझौते को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है और सऊदी अरब, कतर तथा यूएई के माध्यम से किसी समझौते तक पहुंचने की संभावना बनी हुई है, जबकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की मुख्य शर्त ईरान का परमाणु कार्यक्रम छोड़ना ही रहेगा।
उधर ईरान ने शांति समझौते के लिए अपने संशोधित प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है, जिसे पाकिस्तान के माध्यम से भेजे जाने की बात सामने आई है, वहीं ईरानी राष्ट्रपति ने दोहराया कि वार्ता का अर्थ आत्मसमर्पण नहीं है और देश अपने अधिकारों, गरिमा तथा संप्रभुता की रक्षा करते हुए बातचीत के लिए तैयार है।
इसी बीच पाकिस्तान के गृहमंत्री तेहरान में मौजूद रहकर अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू कराने की कोशिशों में जुटे हुए हैं, जहां उन्होंने ईरान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकातें की हैं और दोनों पक्षों के बीच संवाद और एकजुटता को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक बताया गया है।






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