नई दिल्ली, 20 मई ।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने जानकारी दी है कि कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल का उपयोग हर महीने 85 लाख से अधिक डेवलपर्स ऐप निर्माण के लिए कर रहे हैं। उन्होंने एक ब्लॉग में बताया कि गूगल इस वर्ष एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लगभग 190 अरब डॉलर के निवेश की योजना पर काम कर रहा है, जिसमें डेटा सेंटर, कस्टम सिलिकॉन और मॉडल प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
पिचाई ने कहा कि कंपनी के एआई इकोसिस्टम में तीव्र विकास देखने को मिल रहा है और डेवलपर्स, उद्यमों तथा उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही गूगल के मॉडल एपीआई हर मिनट लगभग 19 अरब टोकन प्रोसेस कर रहे हैं, जो इसकी बढ़ती तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
कंपनी के अनुसार पिछले वर्ष के दौरान 375 से अधिक गूगल क्लाउड ग्राहकों ने प्रत्येक ने एक ट्रिलियन से अधिक टोकन प्रोसेस किए हैं। गूगल के एआई उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता के चलते जेमिनी ऐप के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता 900 मिलियन से अधिक हो गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।
एआई आधारित सर्च फीचर्स को भी व्यापक लोकप्रियता मिली है, जहां एआई ओवरव्यू के मासिक उपयोगकर्ता 2.5 अरब से अधिक और एआई मोड के उपयोगकर्ता एक अरब से अधिक तक पहुंच चुके हैं।
कंपनी ने कई नए एआई टूल और अपग्रेड भी पेश किए हैं, जिनमें जेमिनी 3.5 फ्लैश शामिल है, जो कोडिंग और वास्तविक कार्यप्रवाह पर केंद्रित तेज एआई मॉडल है, तथा जेमिनी स्पार्क नामक व्यक्तिगत एआई एजेंट भी प्रस्तुत किया गया है, जिसे उपयोगकर्ताओं के कार्यों को स्वचालित रूप से पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इसके अलावा गूगल ने अपने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में भी कई तकनीकी सुधार किए हैं, जिनमें नवीनतम पीढ़ी के टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं, जो बड़े स्तर पर एआई प्रशिक्षण और अनुमान प्रक्रिया को तेज बनाने में सक्षम हैं। कंपनी ने अपनी एआई-प्रथम रणनीति को मजबूत करते हुए एआई को वैश्विक स्तर पर जीवन सुधारने वाली परिवर्तनकारी तकनीक बताया है।






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