चमोली, 23 मई ।
सिख श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र धाम में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। यात्रा के पहले दिन ही छह हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर मत्था टेका और अरदास की।
शनिवार सुबह पंच प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सतखंड से दरबार साहिब तक पूरे सम्मान के साथ ले जाया गया। सुखमणी साहिब के पाठ और शबद कीर्तन के बाद गुरुद्वारे के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर वर्ष 2026 की पहली अरदास और हुक्मनामा के साथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि इस वर्ष भारी बर्फबारी के बावजूद यात्रा को समय पर शुरू करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गईं। यात्रा मार्ग और गुरुद्वारा परिसर से बर्फ हटाने का कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, जिसे सेना, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के सहयोग से पूरा किया गया।
इस दौरान ट्रस्ट की ओर से नौ स्वतंत्र पर्वतीय ब्रिगेड ग्रुप, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और यात्रा सुविधा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उत्तराखंड हिमालय की बर्फीली चोटियों के बीच स्थित हेमकुंड साहिब सिख समुदाय के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में गिना जाता है। हर साल देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पर्वतीय यात्रा कर यहां पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।






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