देहरादून, 20 मई ।
जिले में लगातार बढ़ते तापमान और संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) को चौबीसों घंटे सक्रिय कर दिया गया है तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित रखी जाएं।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। देहरादून नगर, जौलीग्रांट, डोईवाला एवं आसपास के मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसी के मद्देनजर भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में ओआरएस, आईवी फ्लूइड, आवश्यक दवाएं, अतिरिक्त बेड और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ एम्बुलेंस सेवाओं को भी पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।
नगर निगम और अन्य नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति मजबूत करने, वाटर कूलर और टैंकर की व्यवस्था करने तथा छायादार विश्राम स्थलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सफाई व्यवस्था और जलभराव रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
विद्युत एवं पेयजल विभागों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गर्मी के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निर्माण स्थलों, फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के लिए कार्य समय को सुबह और शाम तक सीमित रखने तथा दोपहर में भारी कार्य से बचने की सलाह दी गई है। श्रमिकों के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है।
शिक्षा विभाग को मौसम की गंभीरता को देखते हुए स्कूल समय में बदलाव या अवकाश संबंधी निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विद्यालयों को बच्चों को गर्मी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने को भी कहा गया है।
आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर रोगियों की नियमित निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने आम नागरिकों से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी का सेवन करें, हल्के सूती वस्त्र पहनें तथा चक्कर, बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
Meta Tags:












