कोलकाता, 21 मई।
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में हार के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने स्वीकार किया कि उनकी टीम लगभग बीस रन कम बना सकी और इसी अंतर ने मैच के परिणाम को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि पावरप्ले में ही टीम ने चार विकेट खो दिए, जिससे शुरुआती स्थिति कमजोर हो गई और दबाव बढ़ गया। पूरी पारी में आठ साझेदारियों में से छह साझेदारियां बीस रन से कम की रहीं, जिससे रन गति पर असर पड़ा। मुंबई इंडियंस ने 147 रन का स्कोर खड़ा किया, जिसे केकेआर ने सात गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
हार्दिक पंड्या ने कहा कि यदि वह या तिलक वर्मा में से कोई एक बल्लेबाज थोड़ा और समय क्रीज पर टिक जाता तो अतिरिक्त पंद्रह से बीस रन जुड़ सकते थे और टीम के पास जीत का बेहतर अवसर होता।
मध्यक्रम में हार्दिक और तिलक वर्मा दोनों ही अपेक्षाकृत धीमी बल्लेबाजी करते नजर आए, जहां हार्दिक ने 27 गेंदों में 26 रन और तिलक वर्मा ने 32 गेंदों में 20 रन बनाए, जो उनकी पारी की गति को दर्शाता है।
कोलकाता की पिच पर बोलते हुए हार्दिक ने कहा कि ऐसी विकेट पर खेलना उन्हें पसंद है, जहां गेंदबाजों को भी मदद मिलती है और बल्लेबाजों को मेहनत से रन बनाने पड़ते हैं, क्योंकि आईपीएल अब पूरी तरह बल्लेबाजों के अनुकूल हो चुका है।
उन्होंने आगे कहा कि इस मुकाबले में गेंदबाजों को मदद मिली, जिससे बल्लेबाजों को भी संयम और तकनीक के साथ रन बनाने पड़े, और उन्हें इस तरह की चुनौती स्वीकार्य है।
हालांकि कम स्कोर के बावजूद मुंबई इंडियंस मुकाबले में वापसी कर सकती थी, क्योंकि नौ ओवर के बाद केकेआर का स्कोर 73 रन पर तीन विकेट था, लेकिन इसके बाद टीम ने दो आसान कैच छोड़ दिए। इसका लाभ उठाते हुए रोवमैन पॉवेल और मनीष पांडे ने 64 रन की निर्णायक साझेदारी कर मैच को केकेआर के पक्ष में कर दिया।
फील्डिंग की कमजोरियों पर नाराजगी जताते हुए हार्दिक पंड्या ने कहा कि पूरे सत्र में टीम की फील्डिंग लगातार कमजोर रही है और कई महत्वपूर्ण कैच छूटे हैं, जबकि मैच जीतने के लिए हर अवसर को भुनाना जरूरी होता है, यहां तक कि आधे मौकों को भी, लेकिन महत्वपूर्ण कैच छोड़ने से टीम हमेशा मुकाबले में पीछे रह जाती है।






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