नई दिल्ली, 21 मई।
देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हो रही वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पश्चिम एशिया संकट के प्रभावों का उल्लेख करते हुए मौजूदा आर्थिक स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि आर्थिक नीतियों में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि अब सरकार के समर्थक भी सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनके अनुसार महंगाई के अनुमान लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि विकास दर के आकलन में गिरावट देखी जा रही है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भी लगातार कमी दर्ज की जा रही है और आपूर्ति शृंखलाओं की स्थिति बिगड़ने के कारण प्रधानमंत्री को उपभोक्ताओं से खपत कम करने की अपील करनी पड़ रही है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि वर्तमान में निवेश का माहौल बेहद कमजोर है और निजी निवेश में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हो रही है। उन्होंने इसके लिए कई कारण गिनाए, जिनमें वास्तविक मजदूरी का स्थिर रहना, उपभोक्ता मांग में कमी, नीतिगत अस्थिरता, कर अधिकारियों की छापेमारी से उत्पन्न भय, चीन से सस्ते आयात के कारण घरेलू उद्योगों को नुकसान, सरकार समर्थित अधिग्रहणों से बढ़ती एकाधिकार प्रवृत्ति और कॉरपोरेट जगत द्वारा राजनीतिक चंदे के माध्यम से लाभ लेने की प्रवृत्ति शामिल है।
उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट क्षेत्र की कर दरें रिकॉर्ड निचले स्तर पर हैं और उनकी आय रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी है, इसके बावजूद निवेश की रफ्तार नहीं बढ़ रही है। उनका कहना है कि जिन कंपनियों के पास निवेश की क्षमता है, वे देश के बाहर निवेश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जनता को आश्वासन देने में व्यस्त हैं, जबकि देश की आर्थिक नींव कमजोर होती जा रही है।






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