दमोह, 21 मई।
सरकारी अस्पतालों और संजीवनी क्लीनिकों में फर्जी एमबीबीएस डिग्री के आधार पर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें दमोह पुलिस ने मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल को भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित संजीवनी क्लीनिकों में फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले डॉक्टरों की संख्या पचास से अधिक हो सकती है, जबकि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में कई नाम और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी सामने आई है।
इस मामले में अब तक चार गिरफ्तारी हो चुकी हैं, जिनमें तीन कथित डॉक्टरों को पहले पकड़ा गया था और अदालत में पेश करने के बाद उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, वहीं जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड ने ही फर्जी डिग्री तैयार कराने की शुरुआत की थी।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने आठ से दस लाख रुपये देकर एमबीबीएस की फर्जी डिग्री और जाली मेडिकल रजिस्ट्रेशन प्राप्त किए थे, जिसमें कई शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।
पुलिस जांच के अनुसार कुछ आरोपी असली डिग्रीधारी होते हुए भी फर्जी दस्तावेजों के सहारे एलोपैथिक डॉक्टर बनकर सरकारी प्रणाली में प्रवेश कर गए और लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं दे रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि कई डॉक्टर अलग-अलग समय से संजीवनी क्लीनिकों और सरकारी केंद्रों में कार्यरत थे, जबकि इस पूरे मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पत्र लिखकर उनकी नियुक्ति रद्द करने की सिफारिश की गई है।
इस बड़े खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और जिले के सभी डॉक्टरों की डिग्रियों तथा रजिस्ट्रेशन की पुनः जांच के आदेश दिए गए हैं, वहीं पुलिस अलग-अलग जिलों में आरोपियों से जुड़े नेटवर्क की तलाश में छापेमारी कर रही है।






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