नई दिल्ली, 21 मई।
सोशल मीडिया पर इन दिनों “कॉकरोच जनता पार्टी” नामक एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक समूह तेजी से चर्चा में है, जिसे “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” के रूप में अपने आधिकारिक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है और यह नाम कथित तौर पर एक विवादित टिप्पणी के बाद सामने आया है जिसमें बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की गई थी।
इस आंदोलन की शुरुआत 30 वर्षीय अभिजीत दीपके द्वारा की गई बताई जा रही है, जो पहले नौकरी के लिए विदेश जाने की तैयारी में थे, लेकिन विवादित टिप्पणी के बाद उन्होंने अपनी दिशा बदल दी और इस व्यंग्यात्मक राजनीतिक पहल को जन्म दिया।
इस समूह का नाम पारंपरिक राजनीतिक दलों पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है और यह सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है, जहां इसके लाखों फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं, जबकि पोस्ट की संख्या अपेक्षाकृत कम है।

पार्टी के आधिकारिक विचारों में इसे उन युवाओं की आवाज बताया गया है जिन्हें व्यवस्था में अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है और इसका उद्देश्य व्यंग्य के माध्यम से सत्ता और धन के उपयोग पर सवाल उठाना बताया गया है।
इस मंच पर यह भी कहा गया है कि यह कोई पारंपरिक राजनीतिक संगठन नहीं है, बल्कि व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति है, जिसमें युवाओं को “आलसी, ऑनलाइन और कॉकरोच” जैसे शब्दों से जोड़ने की आलोचना को केंद्र में रखा गया है।
इसके सदस्य बनने के लिए कोई जाति, धर्म या लिंग आधारित बाधा नहीं है, लेकिन चार शर्तें रखी गई हैं, जिनमें बेरोजगार होना, आलसी होना, लगातार ऑनलाइन रहना और “प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता” शामिल बताई गई है।
इस आंदोलन में सदस्यता को पूरी तरह मुफ्त, आजीवन और स्वेच्छा पर आधारित बताया गया है, जिसमें किसी औपचारिक प्रचार या पारंपरिक भर्ती प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है, और इसे एक व्यंग्यात्मक सामाजिक टिप्पणी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।






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