मजफ्फराबाद, 21 मई।
पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ी घटना सामने आई, जहां पुलवामा हमले से जुड़े एक वांछित आतंकी के मारे जाने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार आतंकी की पहचान हामजा बुरहान के रूप में की गई है, जिसे अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलीबारी की और उसे कई गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत होने की बात कही जा रही है।
घटना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद क्षेत्र में हुई, जहां हमलावरों की पहचान और इस हमले के पीछे के कारणों को लेकर अब तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बताया जा रहा है कि हामजा बुरहान को पुलवामा हमले से जुड़े आतंकवादी नेटवर्क का प्रमुख साजिशकर्ता माना जाता था और उसकी गतिविधियां लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर थीं।
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार बुरहान का भारत विरोधी गतिविधियों में लंबा रिकॉर्ड रहा है और उस पर जम्मू-कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ और आतंक की ओर प्रेरित करने के आरोप भी लगते रहे हैं।
वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्निपोरा क्षेत्र का निवासी बताया जाता है, और करीब सात वर्ष पहले वैध दस्तावेजों के आधार पर पाकिस्तान गया था, जिसके बाद वह आतंकी संगठन अल-बद्र से जुड़ गया।
इसके बाद उसे संगठन में ऑपरेशनल कमांडर की जिम्मेदारी दी गई और वह जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की भर्ती और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क का संचालन करने लगा।
वर्ष 2022 में उसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया गया था और एजेंसियों के अनुसार वह पुलवामा सहित दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने की साजिशों में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है।
जांच एजेंसियों का यह भी मानना रहा है कि वह डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित कर कट्टरपंथ की ओर धकेलने की रणनीति अपनाता था।
पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को हुआ था, जब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया गया था, जिसमें विस्फोटक से भरी गाड़ी बस से टकरा गई थी।
इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य घायल हुए थे, जिसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी, जिसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और सैन्य कार्रवाई तक स्थिति पहुंच गई थी।






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