नई दिल्ली, 21 मई ।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं तथा दोनों देशों के बीच सहयोग, भरोसा और साझा आर्थिक हित लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि तकनीक, रक्षा, डिजिटल डेटा केंद्र, क्वांटम कंप्यूटिंग और चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में दोनों देश एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में अमेरिकी उद्योग से 60 अरब डॉलर से अधिक का निवेश भारत को प्राप्त हुआ है, जिसमें अमेजन और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों के डेटा केंद्र निवेश शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक कंपनियों को मजबूत ढांचा, विशाल बाजार, कुशल मानव संसाधन और व्यापक अवसर प्रदान कर रहा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक संकटों के बीच भी भारत ने यह साबित किया है कि वह समय पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराने वाला भरोसेमंद साझेदार है। उन्होंने कहा कि भारत बौद्धिक संपदा अधिकारों का सम्मान करते हुए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और भारत-अमेरिका अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा से अधिक पूरकता है।
उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार तकनीकी उन्नयन और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रस्तावित निर्यात प्रोत्साहन मिशन के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक प्रमाणन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि भारत अगले कम से कम 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने बताया कि बेहतर आधारभूत संरचना, कम लॉजिस्टिक्स लागत और मुक्त व्यापार समझौते निवेश एवं विनिर्माण को नई गति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अब केवल असेंबली केंद्र से आगे बढ़कर डिजाइन, नवाचार और बौद्धिक संपदा सृजन का वैश्विक केंद्र बन रहा है। कोविड के बाद वैश्विक कंपनियां अब भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित कर रही हैं।
डिजिटल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने सबसे तेज पांचजी विस्तार किया है और सौर ऊर्जा क्षमता 2 गीगावाट से बढ़कर 150 गीगावाट से अधिक हो गई है। भारत अब सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में सक्षम है।
उन्होंने पीएम गति शक्ति योजना को अवसंरचना विकास में क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि इससे परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन अधिक प्रभावी हुआ है तथा लागत में भी कमी आई है।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकसित भारत 2047 है और इसके लिए वित्तीय समावेशन, आवास, जल उपलब्धता और व्यापार सुगमता जैसे क्षेत्रों में स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए हैं। उन्होंने उद्योग और निवेशकों से भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया।












