नई दिल्ली, 21 मई ।
कश्मीर घाटी के पुंछ जिले में स्थित श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ के दर्शन के लिए इस वर्ष भी बजरंग दल की वार्षिक धार्मिक यात्रा 16 अगस्त से 27 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। इस संबंध में जानकारी विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में दी। इस दौरान बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक है, जो सीमा पर तैनात सैनिकों के प्रति सम्मान को भी दर्शाती है। साथ ही यह यात्रा पाकिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में रहने वाले हिंदू समुदाय में “पलायन नहीं पराक्रम” की भावना को मजबूत करती है।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा के कारण मार्ग में आने वाले धार्मिक स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित हुआ है और पुंछ क्षेत्र में हिंदू जनसंख्या में लगभग चार प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 1990 के दशक में आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली गोलाबारी के कारण यह प्राचीन यात्रा लगभग समाप्त हो गई थी, जिसे वर्ष 2005 में पुनः शुरू किया गया।
इस वर्ष यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से बजरंग दल के कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा का शुभारंभ 16 अगस्त को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से होगा, जहां से अगले दिन सुबह श्रद्धालु पुंछ के लिए प्रस्थान करेंगे और बाबा बूढ़ा अमरनाथ के दर्शन करेंगे।
इसके बाद यात्रा पुंछ से लौटकर राजौरी होते हुए सुंदरबनी पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। अगले दिन श्रद्धालु शिवखोड़ी दर्शन के लिए रवाना होंगे और अंत में कटरा पहुंचकर यात्रा का समापन किया जाएगा। यह क्रम लगातार जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग राज्यों के जत्थे दर्शन करेंगे।
वर्ष 2005 से शुरू हुई इस यात्रा में अब देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बजरंग दल ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जिसके माध्यम से दुनिया भर से श्रद्धालु पंजीकरण कर सकेंगे।






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