इंदौर, 21 मई ।
इंदौर में आयोजित ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की दो दिवसीय बैठक विचार-विमर्श, सहयोगात्मक गतिविधियों और ज्ञान आदान-प्रदान के सत्रों के बाद सफलतापूर्वक संपन्न हो गई, जिसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच उद्यमिता सहयोग को सुदृढ़ करना रहा।
इस आयोजन के दौरान भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तहत युवा मामले विभाग की ओर से भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत विभिन्न सत्रों का संचालन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वर्चुअल रूप से भाग लिया, जबकि राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समापन सत्र में अपर सचिव नितेश कुमार मिश्रा ने उद्यमशीलता इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उद्यमिता केवल कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं बल्कि हर युवा का अधिकार है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र, लिंग या पृष्ठभूमि से जुड़ा हो।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के सामने पूंजी, डिजिटल ढांचा, मार्गदर्शन और नियामकीय सहयोग जैसी चुनौतियाँ सभी देशों में समान हैं, जिनके समाधान के लिए निरंतर साझेदारी और संवाद आवश्यक है।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन के दौरान निदेशक डॉ. सारा जयल सॉकमी ने प्रतिनिधियों और आयोजन टीमों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सभी प्रतिभागी केवल अपने देश का प्रतिनिधित्व करने नहीं बल्कि साझा निर्माण के उद्देश्य से एकत्र हुए थे, जिससे आयोजन सफल हो सका।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि बैठक में हुई चर्चाएँ ब्रिक्स युवा उद्यमिता एजेंडा को आगे बढ़ाने में उपयोगी सिद्ध होंगी।
बैठक में विभिन्न देशों के युवा उद्यमियों, नीति निर्माताओं और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अनुभव साझा किए तथा नवाचार, सर्वोत्तम प्रथाओं और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की।
कार्यक्रम की शुरुआत तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, सामाजिक उद्यम और सतत विकास से जुड़ी परियोजनाओं की प्रदर्शनी से हुई, जिसके बाद देश-विशेष प्रस्तुतियाँ, पैनल चर्चा, कार्यशालाएँ और नेटवर्किंग सत्र आयोजित किए गए।
“स्थानीय नवाचार से वैश्विक प्रभाव तक” विषय पर विशेष सत्र में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
डिजिटल नवाचार, समावेशी उद्यमिता और हरित व्यवसाय मॉडल जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई, जिसमें एआई, वित्तीय तकनीक, कृषि तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अवसरों को रेखांकित किया गया।
दूसरे दिन क्षमता निर्माण और नेतृत्व विकास पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसके बाद संवादात्मक सत्र हुआ और अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
प्रतिनिधियों ने क्रिस्टल आईटी पार्क का भी भ्रमण किया, जिससे क्षेत्र के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी प्राप्त हुई, जबकि नेटवर्किंग और अनौपचारिक संवाद ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत किया।




.jpg)

.jpg)







