गांधीनगर, 21 मई ।
देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को लेकर संयुक्त संसदीय समिति ने बड़ा दावा किया है कि इससे लगभग 7 लाख करोड़ रुपये की बचत संभव होगी और यह राशि विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जनकल्याण योजनाओं पर खर्च की जा सकेगी।
गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंची समिति के अध्यक्ष पी. पी. चौधरी ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक में इस विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया।
समिति के अनुसार, एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था लागू होने से देश की जीडीपी में लगभग 1.6 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना भी व्यक्त की गई है और इस संबंध में विभिन्न विभागों से प्राप्त इनपुट के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया गया कि समिति ने इस प्रस्ताव पर लगभग 18 हजार पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया है और इसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद 100 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव कराए जाएं।
समिति अब तक महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक सहित कई राज्यों का दौरा कर इस विषय पर सुझाव और फीडबैक एकत्र कर चुकी है।












