इंदौर, 22 मई।
ब्रिक्स की भारत अध्यक्षता के अंतर्गत इंदौर में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स युवा उद्यमिता कार्य समूह की बैठक गुरुवार को अपने समापन पर पहुंची, जहां दूसरे दिन विभिन्न संरचित संवादों, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा सहयोगात्मक चर्चाओं के माध्यम से सदस्य देशों के प्रतिनिधियों, युवा उद्यमियों और नीति विशेषज्ञों ने एकजुट होकर विचार-विमर्श किया।
दूसरे दिन का पूरा सत्र क्रिस्टल आईटी पार्क में आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागियों ने उभरते वैश्विक परिदृश्य और तकनीकी विकास के संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया, जो मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्रों में से एक माना जाता है।
इस दौरान एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति, विशेष आर्थिक क्षेत्र के आयुक्त अभिषेक शर्मा, ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल और शीर्ष आईटी कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत संवाद हुआ, जिसमें उभरते कार्यक्षेत्रों, बड़ी कंपनियों के साथ काम करते समय आने वाली चुनौतियों तथा तेजी से बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को लगातार अद्यतन रखने की आवश्यकता पर विस्तार से विचार साझा किए गए।
साथ ही इंदौर के विकसित होते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, डाटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, जहां भारत में सस्ते इंटरनेट की उपलब्धता को स्टार्टअप और डिजिटल नवाचार के लिए एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में रेखांकित किया गया।

बैठक के उपरांत ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल ने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का भी भ्रमण किया, जहां ऑटोमोबाइल सहायक उद्योग, फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सक्रिय रूप से स्थापित हैं।
इस भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने भारत की मजबूत विनिर्माण क्षमता और औद्योगिक गहराई का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया, साथ ही ब्रिक्स देशों के बीच औद्योगिक सहयोग, आपूर्ति शृंखला एकीकरण और तकनीकी साझेदारी जैसे विषयों पर भी सार्थक संवाद को गति मिली।






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