काठमांडू, 22 मई।
बिहार के रहने वाले 54 वर्षीय मनोज कुमार यादव ने अटूट आस्था और कठिन संकल्प का अनूठा उदाहरण पेश किया है। झारखंड के वैद्यनाथधाम से शुरू हुई उनकी दंडवत यात्रा लगभग 600 किलोमीटर का सफर तय कर अब अपनी पूर्णता की ओर है। बीते 198 दिनों की निरंतर मेहनत के बाद मनोज अपनी मंजिल के बेहद करीब पहुंच गए हैं, जहां वे पशुपतिनाथ मंदिर में मत्था टेककर अपनी इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा का समापन करेंगे।
आज काठमांडू के जडीबुटी इलाके में उनका आगमन हुआ। इस कठिन यात्रा के अनुभव साझा करते हुए मनोज ने बताया कि उन्होंने हर दिन औसतन तीन किलोमीटर की दूरी दंडवत मुद्रा में ही तय की। चिलचिलाती धूप, शारीरिक कष्ट और मार्ग की तमाम दुश्वारियों के बावजूद उनके कदम कभी नहीं डगमगाए और वे अपने संकल्प पर अडिग रहे।
मनोज के अनुसार, वे शनिवार का दिन काठमांडू के गौशाला क्षेत्र में विश्राम करते हुए बिताएंगे। इसके बाद, रविवार की सुबह वे पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचेंगे, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उनकी यह छह महीने और अठारह दिन लंबी पैदल तीर्थ यात्रा संपन्न होगी।






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