सीवान, 22 मई।
बिहार के सीवान जिले में भूमाफियाओं के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में महादेवा थाना क्षेत्र के ओरमा गांव के रहने वाले पूर्व मुखिया साबिर मियां को पटना से धर दबोचा गया है। यह गिरफ्तारी एक डॉक्टर की जमीन से जुड़े विवाद के मामले में हुई है, जहाँ पीड़ित महिला डॉ. सुधा सिंह ने पूर्व मुखिया समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ संगीन आरोप लगाए थे।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में डॉ. सुधा सिंह ने रघुनाथपुर के राजद विधायक ओसामा शहाब, फरहान और साबिर मियां सहित करीब 35 लोगों के खिलाफ मारपीट, लूटपाट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने पुष्टि की है कि ठोस साक्ष्य मिलने के बाद ही पूर्व मुखिया को गिरफ्तार किया गया है। वे काफी समय से पुलिस की रडार पर थे।
डीआईजी नीलेश कुमार और एसपी पुरन कुमार झा के संयुक्त नेतृत्व में सीवान पुलिस ने भूमाफियाओं के खिलाफ एक विशेष अभियान छेड़ रखा है। पुलिस ने इससे पहले भी आरोपितों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी। हालांकि इस मामले में विधायक ओसामा शहाब को अदालत से राहत मिल चुकी है, लेकिन प्रशासन के इस कड़े रुख ने जिले के दबंगों और भूमाफियाओं में भारी खलबली मचा दी है।
पुलिस की यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जो भी लोग जमीन के अवैध कारोबार और दबंगई में लिप्त हैं, वे या तो सुधर जाएं या शहर छोड़ दें। साबिर मियां की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस बाकी नामजद आरोपियों की धर-पकड़ के लिए अपनी जांच का दायरा और बढ़ा रही है।






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