सीवान, 22 मई।
जीवन की विडंबना देखिए कि जो शख्स वर्षों तक दूसरों के शवों को उठाकर उन्हें सम्मानजनक अंतिम संस्कार तक पहुँचाता रहा, आज खुद उसी रेलवे ट्रैक पर लावारिस मौत का शिकार हो गया। यह हृदयविदारक घटना सीवान जंक्शन के पास कार्यरत भोला कुमार के साथ हुई, जिसने अपनी पूरी जिंदगी लावारिस लाशों की सेवा में समर्पित कर दी थी। शुक्रवार की सुबह मैरवा स्टेशन के समीप ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
भोला कुमार स्थानीय पुलिस और जीआरपी के लिए एक बड़ा सहारा था। रेलवे ट्रैक या स्टेशनों पर मिलने वाली लावारिस लाशों को उठाने, उनकी पहचान की प्रक्रिया में सहयोग देने और अंत में विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराने तक की जिम्मेदारी वह वर्षों से निभा रहा था। अपनी इस निस्वार्थ सेवा के कारण वह पुलिस और रेलवे महकमे में एक जाना-माना और सम्मानित चेहरा बन गया था।
शुक्रवार सुबह किसी कार्यवश पैसेंजर ट्रेन से मैरवा गए भोला के साथ यह अनहोनी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे लाइन पार करते समय अचानक डाउन लाइन पर आई तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि शरीर क्षत-विक्षत हो गया। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय प्रमोद कुमार राम ने मैरवा स्टेशन मास्टर को सूचना दी, जिसके बाद आरपीएफ और जीआरपी टीम मौके पर पहुँची।
पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया है। उसकी असामयिक मौत ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। जो व्यक्ति दूसरों को बेसहारा होने से बचाकर उन्हें सम्मान देता था, आज उसकी अपनी अंतिम विदाई रेलवे ट्रैक पर एक दुर्घटना बनकर रह गई है, जिसे लेकर क्षेत्र में हर कोई स्तब्ध है।






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