कोरबा, 22 मई।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सूरज के तेवर इन दिनों काफी तल्ख हो गए हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किए जाने के बाद से ही जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिन तो दिन, रात में भी भीषण गर्मी और उमस भरी हवाओं के चलते लोगों का हाल बेहाल है। गर्मी का यह प्रकोप थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है, जिससे आम जनमानस काफी परेशान है।
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिनों तक पारे में गिरावट की कोई उम्मीद नहीं है। इसके उलट, अगले सप्ताह तक तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि होने की संभावना जताई गई है, जिससे पारा 47 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर तक छू सकता है। वर्तमान में जिले में मानसून या बारिश का कोई भी सिस्टम सक्रिय नहीं है, और भले ही बीच-बीच में तेज हवाएं चलें, लेकिन उनसे झुलसाने वाली तपिश से कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
भीषण गर्मी का सीधा असर सड़कों पर भी दिख रहा है। चिलचिलाती धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे हैं। इस असहनीय गर्मी ने सेहत के लिए भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला अस्पताल और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और चक्कर आने जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी न होने देने, धूप में निकलते समय सिर को ढकने और हल्के सूती कपड़े पहनने पर जोर दिया गया है। फिलहाल मई के बचे हुए दिनों में गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है।






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