कोलकाता, 22 मई।
पश्चिम बंगाल में ज्येष्ठ माह की प्रचंड गर्मी के बीच लोग भीषण उमस और तेज धूप से बेहाल हैं। राजधानी कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई क्षेत्रों में मौसम की कठोर परिस्थितियों ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बारिश की उम्मीद लगाए लोगों को फिलहाल मौसम विभाग से कोई बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है।
अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार, कोलकाता में इस समय तेज आंधी या व्यापक वर्षा की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, कुछ स्थानों पर कभी-कभार हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आने की उम्मीद नहीं है। हावड़ा और हुगली जिलों के लिए भी किसी प्रकार की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
इसके विपरीत, दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में शुक्रवार से गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पूर्व व पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों में बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इनमें पूर्व बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उत्तर बंगाल में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का क्रम जारी रहने की संभावना है। आने वाले कुछ दिनों तक वहां लगातार बारिश के अनुकूल मौसम बने रहने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक एक पूर्व-पश्चिमी अक्षीय रेखा सक्रिय है, जो बिहार, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों तथा उत्तर बांग्लादेश से होकर गुजर रही है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश से ओडिशा के दक्षिणी तट तक एक अन्य अक्षीय रेखा सक्रिय है, जो झारखंड और छत्तीसगढ़ क्षेत्र से होकर गुजर रही है।
गंगा तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अब दक्षिण बांग्लादेश की ओर स्थानांतरित हो चुका है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में जलवाष्प स्थलीय क्षेत्रों में प्रवेश कर रही है, जिससे उत्तर बंगाल तथा दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।






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