नई दिल्ली, 22 मई।
ऑनलाइन खाद्य एवं पेय सामग्री आपूर्ति करने वाली कंपनी स्विगी को अपने कंपनी गठन संबंधी नियमों में संशोधन के लिए आवश्यक शेयरधारक स्वीकृति प्राप्त नहीं हो सकी, जिसके चलते वह स्वयं को भारतीय स्वामित्व एवं नियंत्रित कंपनी के रूप में स्थापित करने की प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ सकी।
कंपनी द्वारा शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया गया कि कंपनी गठन के नियमों (एओए) में संशोधन के प्रस्ताव को 72.35 प्रतिशत शेयरधारकों का समर्थन प्राप्त हुआ, जो निर्धारित आवश्यक सीमा से 2.65 प्रतिशत कम रहा।
इस प्रस्ताव के लिए डाक मतपत्र के माध्यम से ई-वोटिंग प्रक्रिया अपनाई गई थी, जिसमें एओए में बदलाव के साथ-साथ रेनन डी कास्त्रो आल्वेस पिंटो को गैर-कार्यकारी तथा गैर-स्वतंत्र नामित निदेशक के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव भी शामिल था।
स्विगी की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी परिणाम को स्वीकार करती है और यह स्पष्ट है कि प्रस्ताव को 72.35 प्रतिशत समर्थन मिला है, जो आवश्यक सीमा से कम है, हालांकि निदेशक नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव को 98.98 प्रतिशत बहुमत से मंजूरी मिल गई है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह अपने शेयरधारकों के साथ संवाद जारी रखेगी और भविष्य में सकारात्मक परिणाम की दिशा में प्रयास करती रहेगी।
विदित है कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के नियमों के अनुसार किसी कंपनी को भारतीय स्वामित्व एवं नियंत्रित तभी माना जाता है जब उसका नियंत्रण और स्वामित्व भारतीय नागरिकों या पात्र संस्थाओं के पास हो तथा यह नियंत्रण निदेशक मंडल संरचना और नामांकन व्यवस्था के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है।




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