नई दिल्ली, 22 मई।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की नई त्रिभाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की गई है, जिस पर अदालत ने अगले सप्ताह सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ने उल्लेख के दौरान कहा कि बोर्ड की नई व्यवस्था के तहत नौवीं कक्षा से दो अतिरिक्त भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है, जिनमें से दो भारतीय भाषाएं होना आवश्यक है।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि अचानक कक्षा नौ के विद्यार्थियों पर दो अतिरिक्त भाषाओं का अध्ययन थोपे जाने से उनकी दसवीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो सकती है, क्योंकि इतनी कम अवधि में नई भाषाएं सीखना उनके लिए कठिन होगा और इससे उन्हें अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ेगा।
बताया गया है कि यह नई नीति एक जुलाई से लागू होने जा रही है और यह याचिका छात्रों, अभिभावकों तथा शिक्षकों की ओर से दाखिल की गई है।






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