बिहार, 22 मई ।
बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है तथा कई अधिकारियों को अतिरिक्त दायित्व भी सौंपे गए हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नई अधिसूचना जारी की गई है।
वरिष्ठ अधिकारी दीपक कुमार सिंह को राज्यपाल का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है तथा उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी प्रदान किया गया है।
इसी क्रम में अरविन्द कुमार चौधरी का स्थानांतरण कर उन्हें मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर तैनात किया गया है तथा साथ ही बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद के परीक्षा नियंत्रक और बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त दायित्व भी दिया गया है।
डॉ. राजेन्द्र को, जो पहले से सामान्य प्रशासन विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं, अब निगरानी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उनके पास पहले से जन-शिकायत, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और बिपार्ड से जुड़ी जिम्मेदारियां बनी रहेंगी।
उद्योग विभाग के सचिव कुन्दन कुमार को गृह विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि वे पहले से बिहार फाउंडेशन, औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार तथा आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार से जुड़े कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को जांच आयुक्त के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है, हालांकि वे वाणिज्य कर, माल एवं सेवा कर तथा मुख्यमंत्री सचिवालय से संबंधित जिम्मेदारियों का निर्वहन पहले की तरह करते रहेंगे।
बिहार मानवाधिकार आयोग की सचिव सीमा त्रिपाठी को अगले आदेश तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं निलेश रामचंद्र देवरे को बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है।
इनायत खान को विशेष सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है, जबकि अरविन्द कुमार वर्मा को उद्योग विभाग में विशेष सचिव के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
राजीव कुमार श्रीवास्तव को बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक पद से स्थानांतरित कर वित्त विभाग में अपर सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।
उधर, राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा को विकास आयुक्त (संयुक्त सचिव स्तर), नोएडा विशेष आर्थिक क्षेत्र के पद पर नियुक्त किए जाने के बाद नई जिम्मेदारी के लिए विरमित कर दिया गया है।
राज्य सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था को अधिक गतिशील बनाने तथा विभागीय समन्वय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











