भोपाल, 22 मई ।
मध्यप्रदेश में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को अब कैशलेस आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसे श्रमिक वर्ग के स्वास्थ्य कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
भोपाल स्थित मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रम एवं आयुष विभाग के बीच इस संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर संबंधित मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों विभागों के बीच सहयोग को औपचारिक रूप दिया गया।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ईएसआईसी लाभार्थियों को राज्य के शासकीय आयुष संस्थानों के माध्यम से समग्र, सुलभ और पूरी तरह कैशलेस चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से वैकल्पिक उपचार विकल्प भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
योजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिसमें प्रारंभिक चरण में इसे प्रदेश के नौ शासकीय आयुष चिकित्सा महाविद्यालयों में शुरू किया जाएगा। इसके बाद इसे जिला स्तरीय आयुष अस्पतालों और डिस्पेंसरी तक विस्तारित किया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक सुलभ हो सकेगी तथा एलोपैथिक संस्थानों पर दबाव भी कम होगा।
एमओयू के अनुसार लाभार्थियों में ईएसआईसी में पंजीकृत श्रमिक और उनके पात्र परिजन शामिल होंगे, जिनकी पहचान ई-पहचान पत्र या बीमा संख्या के माध्यम से की जाएगी। इन संस्थानों में मरीजों को निःशुल्क परामर्श, औषधियां, पंचकर्म उपचार, योग और जीवनशैली आधारित परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गठिया और मोटापा जैसे दीर्घकालिक रोगों के समग्र प्रबंधन की भी व्यवस्था की जाएगी। वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित दरों के आधार पर ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया के माध्यम से समयबद्ध प्रतिपूर्ति की जाएगी।






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