जबलपुर, 22 मई ।
जबलपुर के मनमोहन नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब उपचार के लिए पहुंची एक गर्भवती महिला को लंबे समय तक चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल सकी। परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर खाना खाने के लिए घर गए थे, लेकिन इसके बाद अस्पताल नहीं लौटे।
चिकित्सक की अनुपस्थिति से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ही देर में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए नारेबाजी की।
युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सोनू कुकरेले के अनुसार गर्भवती महिला को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, लेकिन अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह अस्त-व्यस्त दिखाई दीं। आरोप है कि महिला को वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते परिजनों को सहारा देकर उसे वार्ड तक पहुंचाना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई। सूचना मिलने पर सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी देर रात स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया तथा तत्काल चिकित्सकों को बुलाकर गर्भवती महिला का उपचार शुरू कराया।
आरोप है कि इसके बाद भी करीब दो घंटे तक कोई डॉक्टर महिला को देखने नहीं पहुंचा। जब परिजनों ने अस्पताल कर्मियों से जानकारी ली तो पता चला कि ड्यूटी डॉक्टर अस्पताल में मौजूद ही नहीं हैं। इसके बाद परिजनों का गुस्सा बढ़ गया और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में सफाई कर्मी मरीजों का ब्लड प्रेशर जांचती नजर आई। इसे लेकर लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ होना चाहिए, वहां अन्य कर्मचारी मरीजों की जांच कर रहे हैं।
घटना के बाद देर रात तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी से अनुपस्थित चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निलंबन की मांग की।
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने शुक्रवार को बताया कि प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि ड्यूटी डॉक्टर भोजन करने घर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उन्होंने कहा कि संबंधित चिकित्सक से जवाब मांगा जाएगा और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सफाई कर्मी द्वारा ब्लड प्रेशर जांचे जाने के आरोपों की भी जांच कराने की बात कही। साथ ही माना कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ और व्यवस्थाओं से जुड़ी कुछ कमियां हैं, जिन्हें जल्द दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा।






.jpg)






