बुखारेस्ट, 23 मई।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने जीत की स्थिति बनने के बावजूद फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लग्रेव के विरुद्ध मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त किया, जिससे सुपर चेस क्लासिक टूर्नामेंट में खिताब की प्रतिस्पर्धा अंतिम राउंड से पहले अत्यंत रोचक हो गई है। प्रतियोगिता के नौवें तथा अंतिम से पूर्व दौर में अमेरिका के फैबियानो कारुआना और जर्मनी के विन्सेंट कीमर के बीच खेल भी बराबरी पर समाप्त हुआ, वहीं उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए नीदरलैंड्स के जॉर्डन वान फॉरेस्ट को पराजित किया है।
डच खिलाड़ियों के लिए यह दिन निराशाजनक रहा, क्योंकि अनिश गिरी को रोमानिया के बोगदान-डेनियल डियाक के हाथों हार झेलनी पड़ी है। अमेरिका के वेस्ले सो को फ्रांस के अलीरेज़ा फिरूजा के टूर्नामेंट से हटने के कारण वॉकओवर प्राप्त हुआ है। अंतिम राउंड से पूर्व फैबियानो कारुआना और विन्सेंट कीमर पांच-पांच अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं, वहीं जावोखिर सिंदारोव, वेस्ले सो और जॉर्डन वान फॉरेस्ट साढ़े चार अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। प्रज्ञानानंद, अनिश गिरी और मैक्सिम वाचियर-लग्रेव चार-चार अंकों के साथ संयुक्त छठे स्थान पर हैं।
प्रज्ञानानंद ने ग्रुनफेल्ड डिफेंस ओपनिंग में सफेद मोहरों से खेलते हुए सातवीं चाल पर एक नया प्रयोग किया, जो उच्च स्तरीय शतरंज में पहले कभी सामने नहीं आया था। मध्य खेल में वह मजबूत स्थिति में दिखाई दिए और मुकाबला शीघ्र उनके पक्ष में जाता प्रतीत हो रहा था। कुछ चूकों के चलते खेल क्वीन और प्यादों के एंडगेम तक पहुंच गया, जहां प्रज्ञानानंद के पास अतिरिक्त प्यादा होने के बावजूद समय के दबाव में संघर्ष जारी रहा। अंततः 139 चालों तक चले इस सबसे लंबे मुकाबले का परिणाम ड्रॉ रहा है।
दूसरी ओर, सिंदारोव ने उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए एंडगेम में अपने नाइट और रूख के संयोजन से सटीक मात की स्थिति निर्मित कर जीत हासिल की है। टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 3 लाख 75 हजार अमेरिकी डॉलर निर्धारित है, जिसमें विजेता को 1 लाख डॉलर प्रदान किए जाएंगे, शीर्ष स्थान पर बराबरी की स्थिति बनने पर विजेता का निर्णय टाईब्रेक मुकाबलों से किया जाएगा।




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