कोलकाता, 23मई।
दक्षिण दमदम नगरपालिका के वार्ड संख्या 18 से जुड़े तृणमूल कांग्रेस पार्षद संजय दास का शव शनिवार सुबह उनके आवास में फंदे से लटका हुआ संदिग्ध अवस्था में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
सूचना मिलने पर उन्हें तुरंत नागेरबाजार स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को अप्राकृतिक मृत्यु के रूप में दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है, पुलिस हर संभावित पहलू से जांच कर रही है कि यह आत्महत्या है या किसी अन्य कारण का परिणाम।
स्थानीय जानकारी के अनुसार संजय दास पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव की स्थिति से गुजर रहे थे। वे दक्षिण दमदम नगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे और तृणमूल कांग्रेस के उत्तर कोलकाता जिला संगठन में भी सक्रिय भूमिका में थे।
बताया जा रहा है कि उनका संबंध अदिति मुंशी, उनके पति तथा तृणमूल पार्षद देबराज चक्रवर्ती से निकटता का था। स्थानीय लोगों के अनुसार नगरपालिका चुनाव में टिकट दिलाने से लेकर महत्वपूर्ण दायित्व मिलने तक में देबराज चक्रवर्ती की अहम भूमिका रही थी, साथ ही संजय दास सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रूप से समर्थन करते रहे थे।
यह घटना एक बार फिर दक्षिण दमदम नगरपालिका से जुड़े मामलों को चर्चा में ले आई है, जहां हाल के दिनों में नगरपालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की सक्रियता बढ़ी है। इस मामले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और पूर्व चेयरमैन पाचू राय से पूछताछ की गई है। स्थानीय सूत्रों का यह भी कहना है कि संजय दास के संपर्क सुजीत बोस से भी रहे थे।
उल्लेखनीय है कि अदिति मुंशी और देबराज चक्रवर्ती हाल ही में एक अन्य मामले में राहत के लिए उच्च न्यायालय पहुंचे थे, जहां उन पर चुनाव से पहले संपत्ति को बेनामी तरीके से रिश्तेदारों के नाम स्थानांतरित करने के आरोप लगे हैं। अदालत ने मौखिक रूप से 19 जून तक गिरफ्तारी पर रोक का संकेत दिया था, और इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी लगातार जारी है।






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