नई दिल्ली, 23 मई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोलियम उत्पादों की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद आम जनता को राहत देने के बजाय उन पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में निरंतर बढ़ोतरी की जा रही है और बीते दस दिनों में ही तीसरी बार ईंधन दरों में इजाफा किया गया है।
खरगे के अनुसार सरकार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है कि भारत में ईंधन की कीमतें अन्य देशों की तुलना में कम हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि कई देशों ने वैश्विक संकट के समय टैक्स में कटौती कर या राहत पैकेज देकर जनता को राहत प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच इटली, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन और आयरलैंड जैसे देशों ने ईंधन पर कर घटाकर या सब्सिडी देकर नागरिकों को राहत दी है, जबकि भारत में कीमतें लगातार बढ़ाई जा रही हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में पहले से ही महंगाई एक गंभीर समस्या बनी हुई है और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवहन, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की लागत और अधिक बढ़ जाएगी, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति का सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग, किसानों, छोटे व्यापारियों और निम्न आय वर्ग पर पड़ रहा है, जो पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले एक महीने में ईंधन कीमतों में कई बार वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें 1 मई को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बड़ी बढ़ोतरी हुई और 15 मई तथा 18 मई को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में लगातार वृद्धि की गई।
इसके बाद 23 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे ईंधन के दाम और अधिक बढ़ गए।
खरगे ने केंद्र सरकार से अपील की कि पेट्रोलियम उत्पादों पर करों में कटौती कर जनता को तत्काल राहत दी जाए।






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