नई दिल्ली, 23 मई।
विश्व हिंदू परिषद ने बकरीद के दौरान पशु वध और गौहत्या से जुड़े मामले पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है और इसे संविधान तथा न्यायिक व्यवस्था के अनुरूप बताया है।
संगठन ने कहा कि न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि पशु वध या गौहत्या किसी भी समुदाय का धार्मिक अधिकार नहीं माना जा सकता, और यह निर्णय उन राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है जहां अभी तक गोवंश संरक्षण को लेकर सख्त कानून लागू नहीं किए गए हैं।
विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि न्यायालय के फैसले से यह स्थिति स्पष्ट हुई है कि गौहत्या किसी भी रूप में धार्मिक अधिकार के दायरे में नहीं आती और यह देश के कानूनी ढांचे के अनुरूप एक दंडनीय विषय है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय उन राज्यों के लिए विशेष रूप से संकेत देता है जहां गोवंश संरक्षण से जुड़े कठोर कानून प्रभावी रूप से लागू नहीं हैं, और अब यह स्पष्ट है कि भारत में गौहत्या कानूनी रूप से प्रतिबंधित श्रेणी में आती है।
डॉ. जैन ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्णयों का भी उल्लेख किया है, जिनमें राज्य सरकारों द्वारा बनाए गए गोवंश संरक्षण कानूनों को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सभी को संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों का पालन करना होगा।
उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में पहले से ही गोवंश हत्या निषेध कानून लागू हैं, लेकिन जहां यह व्यवस्था कमजोर है वहां राज्य सरकारों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए और कानून को प्रभावी बनाना चाहिए।
संगठन ने राज्य सरकारों से अपील की कि वे न्यायिक निर्णयों, पर्यावरणीय चिंताओं और समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गोवंश संरक्षण को लेकर सख्त कानून लागू करने पर विचार करें।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल और दिल्ली सरकारों ने बकरीद के दौरान कानून व्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, और सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे कार्यों से बचने की बात कही है जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
विहिप ने कहा कि उसके गौरक्षा विभाग और बजरंग दल की समितियां देशभर में सक्रिय रहकर यह सुनिश्चित करेंगी कि न्यायालय के आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों का पालन हो तथा गौहत्या मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग भी जारी रहेगी।






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