कोलकाता, 23 मई।
पश्चिम बंगाल में सरकारी नियुक्तियों को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक साहसिक निर्णय लिया है। अब राज्य में आयोजित होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को उनकी ओएमआर उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सियालदह में आयोजित एक रोजगार मेले के दौरान इस महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की घोषणा की। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा सत्र में इस बाबत एक व्यापक कानून लाया जाएगा। पूर्ववर्ती सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था में ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी परीक्षार्थियों को नहीं दी जाती थी, जिससे भर्ती प्रक्रिया संदेह के घेरे में रहती थी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उत्तर पुस्तिका की प्रति अभ्यर्थियों का अधिकार है और इसे गुप्त रखने की संस्कृति ने ही भ्रष्टाचार व भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया है।
इसके साथ ही, सरकार भर्ती परीक्षाओं के विभिन्न चरणों जैसे लिखित परीक्षा, शैक्षणिक योग्यता और साक्षात्कार के अंकों के भारांक को पुनर्गठित करने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि साक्षात्कार के लिए निर्धारित अंकों की सीमा को घटाया जाएगा, क्योंकि भ्रष्टाचार के सर्वाधिक मामले इसी स्तर पर प्रकाश में आए हैं। वर्तमान सरकार का मुख्य लक्ष्य एक ऐसी सुदृढ़ प्रणाली का निर्माण करना है, जिससे सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं का खोया हुआ विश्वास पुनर्स्थापित हो सके और राज्य की प्रतिष्ठा में सुधार आए।






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