गुरुग्राम, 23 मई ।
करीब 3000 करोड़ रुपये के चर्चित हीरा ग्रुप निवेश घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समूह की प्रमुख नोहेरा शेख को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने नोहेरा शेख को 21 मई की देर रात सेक्टर-45 स्थित एक एयरबीएनबी आवास से संयुक्त अभियान के दौरान हिरासत में लिया और बाद में उसे हैदराबाद ले जाया गया। यह कार्रवाई तेलंगाना और आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू जांच के तहत की गई है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि हीरा ग्रुप ऑफ कंपनियों ने निवेश योजनाओं के नाम पर एक लाख से अधिक लोगों से करीब 3000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की और इसमें नोहेरा शेख सहित मोली थामस, बीजू थामस जैसे लोग शामिल रहे।
अधिकारियों के मुताबिक निवेशकों को 35 से 36 प्रतिशत तक वार्षिक रिटर्न का लालच दिया गया था, लेकिन बाद में न तो वादा किया गया लाभ दिया गया और न ही मूलधन लौटाया गया, जबकि जुटाई गई राशि को निजी खातों में ट्रांसफर कर संपत्तियां खरीदने में लगाया गया।
एजेंसी के अनुसार अब तक करीब 122 करोड़ रुपये की संपत्तियों की नीलामी हो चुकी है और अदालत ने 8 अप्रैल 2026 को नोहेरा शेख को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण तथा नीलाम 16 संपत्तियों के दस्तावेज निष्पादित करने का आदेश दिया था।
हालांकि जांच में कहा गया है कि नोहेरा शेख ने नीलामी प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया और लगातार बाधा उत्पन्न करती रही, जिसके चलते उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए और बाद में उसकी तलाश तेज की गई।
ईडी का दावा है कि तलाशी के दौरान पता चला कि वह फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे गुरुग्राम में छिपी हुई थी तथा अपने सहयोगी समीर खान के साथ मिलकर नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रही थी।
एजेंसी ने यह भी बताया कि इस मामले में पहले भी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था, जिस पर नीलामी प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप है, जबकि आगे की जांच जारी है।





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