हरिद्वार, 23 मई।
शहर के प्रमुख बिल्डर रवि चौहान और उनके पुत्र ऋषभ चौहान के विरुद्ध कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। ज्वालापुर कोतवाली में इन दोनों के खिलाफ जालसाजी, विश्वासघात और बहुमूल्य भूखंडों को अवैध तरीके से हथियाने के गंभीर आरोपों में एक नया मामला दर्ज किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस प्रशासन ने मामले की विस्तृत तहकीकात आरंभ कर दी है।
यह कानूनी शिकायत स्वर्गीय अधिवक्ता एवं बिल्डर सुरेंद्र पाल सिंह विर्क की धर्मपत्नी रिचपाल कौर विर्क द्वारा प्रस्तुत की गई है। शिकायत में उल्लेख है कि सुरेंद्र पाल सिंह ने अपने जीवनकाल में रवि चौहान के साथ मिलकर रानीपुर झाल इलाके में 'ड्रीम सिटी' नामक आवासीय परियोजना विकसित की थी। पीड़िता का दावा है कि सुरेंद्र पाल सिंह के देहावसान के उपरांत रवि चौहान ने विर्क परिवार को भविष्य के उपक्रमों में भागीदारी और व्यावसायिक सहयोग का आश्वासन दिया था। इसी विश्वास के चलते विर्क परिवार ने अपनी कई कीमती जमीनों के मालिकाना हक रवि चौहान को हस्तांतरित कर दिए।
अभियोग के अनुसार, वर्ष 2019 में रानीपुर और ज्वालापुर स्थित अनेक संपत्तियां पीड़िता के बेटे योगवर सिंह के माध्यम से रवि चौहान के नाम स्थानांतरित की गईं। कागजातों में इन लेनदेन का भुगतान चेक के जरिए होना दर्शाया गया था, किंतु शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में पूरी राशि वापस निकाल ली गई और संपत्ति पर अनुचित कब्जा कर लिया गया। इतना ही नहीं, बाद में रवि चौहान ने एक दानपत्र के जरिए ये संपत्तियां अपने बेटे ऋषभ चौहान को स्थानांतरित कर दीं।
पीड़िता का अनुमान है कि इस विवादित भूमि का बाजार मूल्य लगभग 9 करोड़ रुपये है। साथ ही, पेटलवुड और पेंटागन मॉल के समीप अन्य संपत्तियों के संदर्भ में भी धोखाधड़ी एवं अवैध कब्जे के आरोप लगाए गए हैं। ध्यातव्य है कि दो सप्ताह पूर्व भी इसी परिवार ने शहर कोतवाली में आरोपियों के विरुद्ध एक अन्य मुकदमा दर्ज कराया था। इन निरंतर बढ़ते मामलों से रियल एस्टेट क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस का कहना है कि लगाए गए आरोपों की गंभीरता के दृष्टिगत समस्त संपत्ति दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।





.jpg)







