काेरबा, 23 मई।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के दौरान ब्रिटिश काल से जुड़ा एक लगभग 80 वर्ष पुराना ऐतिहासिक दस्तावेज मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता बढ़ गई है।
यह दस्तावेज पोड़ीउपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम तुमान में सर्वेक्षण के दौरान सामने आया, जिसे जिला समन्वयक ने ग्राम निवासी बुजुर्ग बिधून दास महंत के परिजनों से प्राप्त किया।
जांच में पाया गया कि दस्तावेज एक रुपये मूल्य के स्टाम्प पर आधारित है, जिसमें ब्रिटेन के तत्कालीन राजा की तस्वीर अंकित है और यह हस्तलिखित कागज समय के साथ अत्यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है।
दस्तावेज का अवलोकन करने के बाद संबंधित अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्राचीन रिकॉर्ड और पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने की सलाह दी तथा उनके संरक्षण पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 75 वर्ष से अधिक पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों को डिजिटल रूप से संरक्षित करने के लिए उन्हें विशेष एप के माध्यम से पंजीकृत किया जा रहा है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने पास मौजूद प्राचीन पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को नष्ट होने से बचाएं और उन्हें डिजिटल संरक्षण के लिए अपलोड कर भारतीय ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।






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