कोलकाता, 23 मई।पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधारों की घोषणा करते हुए कहा है कि स्वास्थ्य साथी योजना से जुड़े लगभग छह करोड़ लोगों को अब केंद्र की आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाएगा और इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन बताया गया है।
नवान्न में आयोजित संवाददाता सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की, जिसमें मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और प्रधान सलाहकार सुब्रत गुप्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य नीति में किए जा रहे बदलावों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर केंद्र की स्वास्थ्य योजनाओं के विरोध का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों और समन्वय की कमी से करोड़ों लोग योजनाओं के लाभ से वंचित रहे, जबकि अब नई व्यवस्था के तहत इन योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जुलाई से कार्ड वितरण शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही स्वास्थ्य साथी योजना के छह करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सीधे इस योजना से जोड़ा जाएगा, जबकि अब तक बाहर रह गए लोगों को भी नई प्रक्रिया के तहत स्वास्थ्य बीमा सुविधा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि जून के पहले सप्ताह में दिल्ली में आयुष्मान आरोग्य मंदिर को लेकर महत्वपूर्ण समझौता होगा, जिसमें केंद्र और राज्य स्तर के अधिकारी शामिल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ राज्य के बाहर रह रहे लगभग एक करोड़ बंगालवासियों तक भी पहुंचेगा।
उन्होंने 30 मई से 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर रोधी टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की, जिसकी शुरुआत बिधाननगर उपमंडलीय अस्पताल से की जाएगी। इसी दिन “टीबी मुक्त भारत” कार्यशाला भी शुरू होगी, जिसका उद्देश्य तपेदिक उन्मूलन को तेज करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 400 से अधिक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां आवश्यक दवाएं 80 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध होंगी, जिससे गंभीर बीमारियों की महंगी दवाएं भी काफी सस्ती दरों पर मिल सकेंगी।
सरकार ने इसे आम जनता, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत बताया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही और उत्तर बंगाल में एम्स स्थापित करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने की जानकारी दी।
उन्होंने राज्य में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर पर चिंता जताते हुए कोलकाता, मुर्शिदाबाद, पूर्व बर्धमान, बीरभूम और मालदा जिलों में विशेष निगरानी और स्वास्थ्य योजनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में केंद्र से 2103 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से एक चौथाई राशि जारी हो चुकी है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।






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