लखनऊ, 23 मई।
राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में शनिवार को टप्पेबाजी गिरोह की सरगना सहित तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरोह ऑटो और टेंपो में सवार होकर यात्रियों को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम देता था और गिरफ्तारी के बाद कई घटनाओं का खुलासा हुआ है।
अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापलली बसंथ कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में गोरखपुर के डवरपार भस्मा मौजा देविरया निवासी बिंदु उर्फ चिंकी, गीता देवी और संग्रामपुर निवासी नरसिंह शामिल हैं। नरसिंह और चिंकी आपस में सास और दामाद हैं।
पूछताछ में बिंदु उर्फ चिंकी ने स्वीकार किया कि वही गिरोह की सरगना है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग शहरों में होटल में कमरे किराए पर लेकर या झुग्गी-झोपड़ी में रहकर अस्थायी रूप से ठिकाना बनाते थे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपने शिकार की तलाश करते थे। ये लोग बिना नंबर प्लेट की बोलेरो से आते थे, जिसे नरसिंह चलाता था।
वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर वे व्यस्त चौराहों और तिराहों पर छोटे बच्चों के साथ खड़े होकर रैकी करते थे और जैसे ही कोई यात्री ऑटो या टेंपो में बैठता, गिरोह के सदस्य धक्का-मुक्की कर उसे असहज कर देते और उसी दौरान यात्रियों के सोने-चांदी के आभूषण, पर्स व अन्य सामान काटकर चोरी कर लेते थे।
जांच में सामने आया कि एक माह पहले कृष्णानगर मेट्रो स्टेशन के पास एक महिला से चेन और 19 व 20 मई को अवध चौराहे से अलग-अलग समय पर एक चेन और एक मंगलसूत्र लॉकेट की चोरी की गई थी।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदलते रहते थे और इनके खिलाफ लखनऊ सहित कानपुर नगर और कुशीनगर में भी मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी में प्रयुक्त कार, जेवर और 12 हजार रुपये नकद सहित अन्य सामान बरामद किया है तथा आगे की कार्रवाई जारी है।






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