टेक्सास, 23 मई ।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप के तीसरी पीढ़ी के उन्नत संस्करण का बारहवां परीक्षण कई तकनीकी चुनौतियों और आंशिक सफलताओं के बीच पूरा किया गया। टेक्सास के दक्षिणी क्षेत्र स्थित स्टारबेस प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी, हालांकि प्रारंभिक चरण में ही कुछ तकनीकी खामियां सामने आ गईं।
उड़ान के दौरान सुपर हैवी बूस्टर अपेक्षित बूस्ट बैक बर्न प्रक्रिया को पूरा नहीं कर सका, जो नियंत्रित वापसी लैंडिंग के लिए आवश्यक होती है। इस तकनीकी विफलता के कारण बूस्टर को नियंत्रित रूप से पुनः उतारना संभव नहीं हो सका और वह समुद्र में गिर गया।
इसके बाद मुख्य स्टारशिप अंतरिक्ष यान ने अपनी यात्रा जारी रखी, लेकिन इसके छह इंजनों में से केवल पाँच ही सफलतापूर्वक कार्य कर सके। एक इंजन के बंद रहने से यान अपनी निर्धारित कक्षा में पूर्ण रूप से प्रवेश नहीं कर पाया, हालांकि उड़ान सबऑर्बिटल स्तर पर सुरक्षित रही।
तकनीकी समस्याओं के बावजूद मिशन का सबसे महत्वपूर्ण चरण सफल रहा और लगभग एक घंटे की उड़ान के बाद स्टारशिप को हिंद महासागर में सुरक्षित रूप से उतारा गया। लैंडिंग को नियंत्रित तरीके से पूरा किया गया, जिसे टीम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना है। इस परीक्षण का उद्देश्य प्रक्षेपण, अलगाव प्रक्रिया, इंजन पुनः आरंभ और सुरक्षित अवतरण क्षमताओं का परीक्षण करना था।






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