वाशिंगटन, 20 मई ।
अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस द्वारा तैयार एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका के लगभग 42 सैन्य विमान या तो पूरी तरह नष्ट हो गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए। यह जानकारी अमेरिकी संसद और उसकी समितियों को नीतिगत एवं कानूनी विश्लेषण उपलब्ध कराने वाली संस्था द्वारा विभिन्न स्रोतों के आधार पर संकलित की गई है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह उन दावों की पुष्टि है जो तेहरान लंबे समय से करता आ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने अरबों डॉलर मूल्य के दर्जनों विमानों के नुकसान को स्वीकार किया है, जो ईरान के दावों की पुष्टि करता है।
अराघची ने यह भी दावा किया कि इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं अत्याधुनिक एफ-35 जैसे लड़ाकू विमानों को भी मार गिराने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि इस संघर्ष से प्राप्त अनुभव यह दर्शाता है कि भविष्य में युद्ध के परिणाम और भी अप्रत्याशित हो सकते हैं।
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि 42 विमानों के नुकसान का वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है, क्योंकि कई मामलों की जांच अभी गोपनीय स्तर पर जारी है और अलग-अलग स्रोतों से इसकी पुष्टि की जा रही है। इनमें स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट और विशेष अभियान में इस्तेमाल होने वाले विमान भी शामिल बताए गए हैं।
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस ने यह आंकड़े अमेरिकी रक्षा विभाग, सेंट्रल कमांड के बयानों तथा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर संकलित किए हैं। इसी बीच यह भी बताया गया है कि अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान ये नुकसान झेला, जो 28 फरवरी 2026 से ईरान के खिलाफ 40 दिनों तक चला एक संयुक्त हवाई अभियान था।






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