गुवाहाटी, 20 मई ।
पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल अंबुबाची मेला 2026 के आयोजन को लेकर असम के कामाख्या मंदिर में तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। आयोजन में लगभग एक माह का समय शेष रहने के कारण मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
मंदिर के दोलोई समुदाय के सदस्यों के अनुसार इस वर्ष चार दिवसीय अंबुबाची मेला 22 जून की रात से शुरू होकर 26 जून की सूर्योदय बेला में संपन्न होगा।
मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी देशभर से लाखों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और तांत्रिकों के आने की संभावना जताई जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु आवागमन को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पांडू की ओर से एक अतिरिक्त मार्ग भी शुरू किया जाएगा। इससे पहले मौजूद नर्सरी मार्ग के साथ अब पांडू मार्ग से भी भक्त मंदिर तक पहुंच सकेंगे, जिससे भीड़ का दबाव कम होने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में आधुनिक सीसीटीवी कैमरों की स्थापना की तैयारी भी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
इधर, कई साधु-संत पहले ही कामाख्या धाम पहुंचना शुरू कर चुके हैं, जबकि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और तेजी से वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
तंत्र साधना के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध अंबुबाची मेला असम का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक आयोजन है, जिसमें हर वर्ष नीलाचल पहाड़ियों स्थित मां कामाख्या मंदिर में विशाल संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।






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