भोपाल, 19 मई ।
नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित स्वच्छ भारत मिशन शहरी-2.0 की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में मध्यप्रदेश के भोपाल नगर निगम के स्वच्छता मॉडल की विशेष रूप से सराहना की गई। बैठक में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
भोपाल नगर निगम की आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लेते हुए शहर में चल रही स्वच्छता और कचरा प्रबंधन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट और रेवेन्यू जनरेशन मॉडल पर प्रकाश डाला।
बैठक में बताया गया कि शहर में गीले, सूखे और अन्य प्रकार के कचरे के पृथक्कीकरण, अलग-अलग परिवहन और पुनर्चक्रण की व्यापक व्यवस्था विकसित की गई है। साथ ही 15 गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों के माध्यम से कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित रूप दिया गया है।
भोपाल मॉडल के तहत ठोस अपशिष्ट से टेराफाइड चारकोल निर्माण, नारियल अपशिष्ट से उपयोगी वस्तुएं, गन्ने के छिलकों से बायो-सीएनजी उत्पादन, थर्माकोल प्रोसेसिंग, सी एंड डी वेस्ट से टाइल्स निर्माण तथा एमआरएफ के माध्यम से रिसाइकिलेबल वेस्ट रिकवरी जैसी परियोजनाएं भी प्रस्तुत की गईं।
इसके अलावा “कचरा कैफे” की कार्यप्रणाली और उसके प्रभाव पर भी जानकारी साझा की गई, जिसे बैठक में मौजूद विशेषज्ञों और अधिकारियों ने सराहा।
बैठक में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों और स्वच्छता से जुड़ी अन्य योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।






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