शिवपुरी, 19 मई ।
खनियाधाना क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों की खराब व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि 20 से अधिक कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नोटिस जारी किए गए हैं। कुछ कर्मचारियों का मानदेय काटा गया है और कई को अंतिम चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई आंगनवाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे थे। पोषण ट्रैकर एप का अपडेट न होना, कुपोषित बच्चों की निगरानी में कमी, अधूरे रिकॉर्ड और हितग्राहियों तक योजनाओं का सही लाभ न पहुंच पाना जैसी गंभीर खामियां पाई गईं। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
इस पूरे मामले ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि यदि लंबे समय से केंद्रों में अव्यवस्था बनी हुई थी, तो पर्यवेक्षी अधिकारियों और परियोजना स्तर के जिम्मेदारों ने समय रहते स्थिति पर ध्यान क्यों नहीं दिया। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि नियमित निरीक्षण रिपोर्टों में व्यवस्थाएं संतोषजनक कैसे दर्ज की जाती रहीं।
क्षेत्र में कुपोषण और महिला-बाल स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को गंभीर मुद्दा माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिन लाभार्थियों तक पोषण और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाया, उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए जिनकी निगरानी में यह व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रही।












