भोपाल, 22 मई ।
मध्य प्रदेश में राज्यव्यापी गिद्ध गणना 2026-27 के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन गणना की शुरुआत शुक्रवार से कर दी गई है। पहले ही दिन प्रदेश के विभिन्न वनमंडलों, टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों सहित 8748 स्थानों पर गणना कार्य पूरा किया गया, जिसमें कुल 8810 गिद्ध दर्ज किए गए।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इनमें 7768 वयस्क और 1042 किशोर गिद्ध शामिल हैं। यह गणना सूर्योदय से प्रातः 9 बजे तक प्रदेश के सभी 16 वृत्तों, 9 टाइगर रिजर्व, वन विकास निगम क्षेत्रों और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में की जा रही है। इस कार्य में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ स्वयंसेवकों की भी भागीदारी रही।
अधिकारियों के अनुसार, इस बार गिद्ध गणना के लिए विशेष ऑनलाइन ऐप का उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रह और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक सरल और सटीक बनाया गया है। गणना के लिए सभी संबंधित कर्मियों को पहले ही प्रशिक्षण प्रदान किया गया था, ताकि तकनीकी रूप से प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
गणनाकर्मी सूर्योदय के तुरंत बाद चयनित गिद्धों के घोंसलों के पास पहुंचकर वहां मौजूद गिद्धों और उनके नवजातों की गिनती करते हैं और विवरण सीधे ऐप में दर्ज किया जाता है। केवल विश्राम स्थलों पर बैठे गिद्धों को ही गणना में शामिल किया जाता है, जबकि उड़ते हुए गिद्धों को इसमें नहीं जोड़ा जाता।
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में गिद्ध गणना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी, जब 7028 गिद्धों का आकलन किया गया था। इसके बाद हर वर्ष शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन दोनों सत्रों में गणना की जा रही है।
इस वर्ष भी 22 से 24 मई तक चलने वाली इस गणना के लिए वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां एकत्रित डेटा का संकलन किया जा रहा है। गणना में पक्षी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जबकि अंतिम आंकड़े संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जारी किए जाएंगे।






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