भोपाल, 18 मई।
भोपाल में हॉकी इंडिया प्रबंधन प्रतिनिधिमंडल ने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग से सौजन्य भेंट कर मध्यप्रदेश में हॉकी के क्षेत्र में हो रहे व्यापक विकास, आधुनिक खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों को मिल रही अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं की खुलकर सराहना की। बैठक में हॉकी इंडिया के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रदेश में हॉकी के विस्तार, प्रतिभा संवर्धन, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन, सिंथेटिक टर्फ निर्माण और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश में हॉकी विकास का एक सशक्त मॉडल बनकर उभर रहा है।
भोपाल में चल रही भारत-ऑस्ट्रेलिया अंडर-18 अंतरराष्ट्रीय हॉकी सीरीज को युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया गया, जिसमें भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई जूनियर टीमें भाग ले रही हैं। इस आयोजन को एशिया कप की तैयारियों के लिए भी अहम माना गया है। मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के 10 खिलाड़ियों का भारतीय अंडर-18 टीम में चयन प्रदेश की प्रशिक्षण व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा गया।
पिछले वर्षों में मध्यप्रदेश हॉकी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। हॉकी इंडिया अवॉर्ड 2025 में प्रदेश को लगातार तीसरी बार “बेस्ट स्टेट ऑफ द ईयर” का सम्मान मिला। रियो ओलंपिक और टोक्यो ओलंपिक में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। वहीं हालिया एशिया कप में विवेक सागर के प्रदर्शन ने भी ध्यान आकर्षित किया।
प्रदेश में वर्तमान में 28 अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक हॉकी टर्फ विकसित या निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही 35 फीडर सेंटर और 146 खेल स्टेडियम व प्रशिक्षण केंद्र खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। आधुनिक कोचिंग, खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण और वैज्ञानिक फिटनेस व्यवस्था से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
खेल मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना और खेल अधोसंरचना का लगातार विस्तार करना है, ताकि मध्यप्रदेश भविष्य में भी देश को शीर्ष स्तर की हॉकी प्रतिभाएं देता रहे।






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