कोलकाता, 21 मई।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार ऐतिहासिक बेलूड़ मठ का दौरा किया, जहां मई 2026 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद गुरुवार सुबह वे रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय पहुंचे।
उनके आगमन को लेकर मठ परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, वहीं श्रद्धालुओं और आम लोगों में इस अवसर को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों की शुरुआत से पहले आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त करना बताया गया।
बेलूड़ मठ पहुंचकर मुख्यमंत्री सबसे पहले श्रीरामकृष्ण मंदिर गए, जहां उन्होंने श्रीरामकृष्ण परमहंस की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
इसके बाद उन्होंने स्वामी विवेकानंद के स्मृति कक्ष में जाकर श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा आगे बढ़ते हुए स्वामी ब्रह्मानंद मंदिर और मां सारदा देवी मंदिर में भी दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

मठ के शांत और आध्यात्मिक वातावरण में कुछ समय व्यतीत करने के बाद मुख्यमंत्री ने मठ के अध्यक्ष महाराज से शिष्टाचार भेंट की, जहां वरिष्ठ संन्यासियों ने उन्हें उत्तरिय पहनाकर सम्मानित किया और पवित्र प्रसाद प्रदान किया।
स्वामी गौतमानंद महाराज ने इस अवसर पर राज्य की शांति, जनकल्याण और समृद्धि की कामना करते हुए मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श और रामकृष्ण मिशन की सेवा भावना समाज को निरंतर दिशा प्रदान करती है तथा राज्य के साढ़े दस करोड़ नागरिकों की सेवा की जिम्मेदारी निभाने और प्रदेश में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से वह आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।
उन्होंने मठ के संन्यासियों के निस्वार्थ सेवा कार्यों के प्रति गहरी कृतज्ञता भी व्यक्त की।
आध्यात्मिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सीधे हावड़ा में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।






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